अनलॉक प्रक्रिया अनुपालन हेतु तय सूक्ष्म कार्य योजना राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घंगोट : विजय कुमार हीर
सूक्ष्म कार्ययोजना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घंगोट
जिला हमीरपुर , हि0प्र0
सत्र 2020-21
कोविड-19 लॉकडाऊन उपरांत
अनलॉक प्रक्रिया के अंतर्गत
विद्यालय पुन: खोलने के लिए
सूक्ष्म कार्य योजना की रूपरेखा
(क) विद्यालय को सेनेटाईज़ करने का कार्य :-
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घंगोट , जिला हमीरपुर को संस्थागत संगरोध केंद्र के रूप में भी प्रयोग किया गया था । इस कार्य में विद्यालय के अध्यापक श्री महेंद्र धीमान और श्री विजय कुमार हीर ने सराहनीय भूमिका निभाई थी । उस समय से ही विद्यालय को सेनेटाईज़ करने का अभियान भी शुरू कर दिया गया था । इस विद्यालय को स्कूल प्रशासन के अपने खर्चे पर जून , जुलाई और अगस्त , 2020 में महीने में तीन-तीन बार सेनेटाईज़ किया गया है । विद्यालय में हर कमरे , हर डेस्क और हर सामग्री , हर धरातल को शत-प्रतिशत सेनेटाईज़ किया जा चुका है ।
राज्य सरकार के द्वारा सितंबर , 2020 में जब से शिक्षकों को स्कूल आने के आदेश हुए थे, उस समय शिक्षकों के स्कूल आने से पहले पुन: सारे विद्यालय भवन को सेनेटाईज़ किया गया । विद्यालय भवन , शौचालय , यूरिनल , अलमारियाँ, दरवाजे व इनके हैंडल, उपस्थिति बायोमीट्रिक मशीन , कंप्यूटर , कुर्सियाँ , डेस्क , श्यामपट्ट आदि समस्त धरातलों को सेनेटाईज़ किया जा चुका है । उसके बाद ही शिक्षकों की ड्यूटी का रोस्टर बनाया गया था । आधा स्टाफ एक दिन और आध स्टाफ अगले दिन बुलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है ताकि विद्यालय में भीड़ न हो और कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें ।
(क) मास्क पहनना : विद्यालय के भीतर या इसके परिसर में बिना मास्क लगाए किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की आज्ञा नहीं दी जाएगी । इसके लिए बकायदा लिखित नोटिस स्कूल के गेट के समीप लगाया गया है और विद्यालय के कर्मचारी तथा शिक्षक मिलकर इस बात का खास ध्यान रख रहे हैं कि विद्यालय परिसर में कोई भी विद्यार्थी , व्यक्ति या स्टाफ का सदस्य बिना मास्क लगाए न आए और न ही बेवजह विद्यालय के भीतर या बाहर घूमे । विद्यालय में आने वाले समस्त बच्चों और अभिभावकों का मास्क पहनना सुनिश्चित किया गया है लेकिन यदि कोई व्यक्ति /विद्यार्थी किसी कारणवश बिना मास्क लगाए विद्यालय में प्रवेश कर जाता है तो उसको विद्यालय प्रशासन की ओर से मास्क इस हिदायत के साथ दिया जाता है कि पुन: ऐसी गलती अमुक व्यक्ति। विद्यार्थी नहीं करेगा और भविष्य में मास्क लगाकर ही संस्था में प्रवेश करेगा । स्कूल में जान-बूझकर मास्क न पहनने पर विद्यालय प्रशासन जुर्माना भी लगा सकता है जिसकी राशि 50 रूपये से 100 रूपये तक हो सकती है ।
(ख) थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था : विद्यालय प्रशासन ने प्रदेश सरकार , शिक्षा विभाग तथा समग्र शिक्षा अभियान से प्राप्त समस्त आदेशों को मानते हुए एक उच्च तकनीक का थर्मल स्कैनर भी सितंबर माह में खरीद लिया था । 21 सितंबर , 2020 को आने वाले विद्यार्थियों व स्टाफ की थर्मल स्कैनिंग की गई और इसके बाद विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को यह विशेष स्कैनर ऑपरेट करवाया गया । इसमें किसी भी व्यक्ति के संपर्क में आए बिना उसके शरीर का तापमान जाँचने और उसके अनुसार रंग बदलने की तकनीक है जिससे उचित दूरी से ही पता चल जाता है कि अमुक व्यक्ति/विद्यार्थी को बुखार जैसे लक्षण तो नहीं हैं । सामान्य बुखार होने पर इसके मीटर का रंग पीला और अधिक बुखार होने पर इसकी स्क्रीन का रंग लाल हो जाता है । इस तरह विद्यार्थियों को सुरक्षित रखने में यह उपकरण बहुत सहायक है । इसमें इन्फ्रारेड मोड भी है और यह 35 लोगों की स्कैनिंग का डाटा सुरक्षित रखता है जिसे जांचा जा सकता है ।
(ग) विद्युत चलित हैंड सेनिटेशन मशीन : विद्युत चलित हैंड सैनिटेशन मशीन भी विद्यालय प्रशासन ने समग्र शिक्षा अभियान की ग्रांट से खरीद ली है जिसको विद्यालय में स्टाफ कक्ष के बाहर लगवाया गया है । इस मशीन के नीचे हाथ रखते ही उन पर स्वत: चालित मशीन सीमित मात्र में सेनेटाईजर की फुहार छोड़ती है जिससे हाथ स्वच्छ व कीटाणु मुक्त हो जाते हैं । इस मशीन के प्रयोग से विद्यार्थियों को हाथ स्वच्छ करने में कुछ सेकंड ही लगते हैं और इस तरह मशीन के पास भीड़ जमा होने का भय भी नहीं होता है ।
(घ) साबुन, हैंडवाश और डिसइन्फेक्टेंट , दस्ताने आदि की व्यवस्था : विद्यालय में कोरोना वायरस को मारने के लिए प्रमाणित लाईफब्याय हैंडवाश व हैंड सेनेताईज़र , सरफेस स्प्रे सहित पॉकेट सेनेटाईजर भी उपलब्ध हैं जबकि विद्यालय में शौचालय , यूरिनल की सफाई में डोमेक्स और लाईज़ोल , हारपिक का प्रयोग किया जा रहा है जो कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु प्रमाणित प्रोडक्ट हैं । पोछे के लिए इनका प्रयोग करते समय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों हेतु दस्ताने भी प्रदान किए गए हैं ।
(ङ) कूड़ेदान निपटान की व्यवस्था : कूड़े -कर्कट का निपटान भूमिगत किया आजा रहा है । जिस कचरे का निपटान केवल जलाकर ही संभव हो , उसके लिए निपटान भट्ठी उपलब्ध है ।
(च) पेयजल की व्यवस्था : विद्यार्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे अपने लिए एक या दो बोतल स्वच्छ पेयजल घर से ही साथ लाएँ ताकि बार-बार नल को छूने की आवश्यकता न हो । नलों को दिन में हर घंटे एक बार डिसइन्फेक्टेंट स्प्रे किया जाता है । इसके अलावा विद्यार्थियों को अपने लिए खाद्य पदार्थ भी घर से ही ले आने के निर्देश दिए गए हैं । बाहर से कोई भी सामान खरीदने हेतु जाने की आज्ञा नहीं दी गई है । पेयजल टंकियों को हर सप्ताह साफ किया जाएगा ।
(छ) पॉकेट सेनेटाईजर: विद्यार्थियों के अभिभावकों से अपील की गई है कि अपने बच्चों को पॉकेट सेनेटाईजर खरीदें । स्कूल में भी इनकी व्यवस्था की गई है , लेकिन दिन में अनेक बार प्रयोग होने के कारण इसकी मात्रा कम भी पड़ सकती है । इस स्थिति से बचाव हेतु रीफिल भी रखे गए हैं मगर विद्यार्थियों को स्थायी रूप से जागरूक व स्वच्छता प्रहरी बनाने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक है । अंत: विद्यालय प्रशासन ने पर्याप्त फंड भी इस कार्य हेतु खर्चने का कदम उठाया है ताकि किसी भी ज़रूरतमन्द विद्यार्थी को इन वस्तुओं का कोई अभाव न झेलना पड़े ।
(ज) विद्यालय में खेलने पर अस्थायी प्रतिबंध : विद्यालय प्रशासन ने ग्राम पंचायत घंगोट के सहयोग से समस्त इलाकावासियों को सूचित किया है कि कुछ लोग स्कूल में जबरन घुसकर खेलते हैं जिससे कोरोना फैलने का भय रहता है । जो विद्यार्थी स्कूल में मार्गदर्शन हेतु आ रहे हैं , उनको भी खेलने की कोई अनुमति नहीं है । सरकार द्वारा इस संबंध में नवीन आदेश आने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा और प्रार्थना-सभा की भी अनुमति फिलहाल नहीं दी गई है ।
(झ) विद्यालय में बैठने की व्यवस्था : हर दो विद्यार्थियों के मध्य दो मीटर दूरी का सूत्र अपनाते हुए उनके बैठने की व्यवस्था को बादल दिया गया है । एक कमरे में अधिकतम 12 विद्यार्थी ही बैठाए जा सकते हैं । इस तरह विद्यालय में डेस्कों की स्थिति बदली गई है और स्कूल के प्रांगण का प्रयोग भी सामाजिक दूरी हेतु किया जाएगा । किसी भी स्थिति में विद्यालय में विद्यार्थियों को उचित दूरी का नियम तोड़ने की आज्ञा नहीं होगी ।
(ञ) बीमार विद्यार्थियों को स्कूल न आने के निर्देश : कोरोना वायरस से ग्रसित होने के लक्षण जैसे सर्दी , जुकाम, बुखार आदि होने पर विद्यार्थियों को ऑनलाईन पढ़ाई पर ही ध्यान देने और स्कूल में न आने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संक्रमण का खतरा न हो ।
(ट) गृहकार्य/पेपर जाँचने की प्रक्रिया : शिक्षक अपने हाथ सेनेटाईज़ करेंगे । विद्यार्थियों की कापियाँ मेज़ पर एक -एक करके लेने के बाद उस मेज़, कापियों और चैकिंग हेतु प्रयुक्त पैन को सरफेस सेनेटाईजर स्प्रे किया जाएगा और उसके बाद पेपर्स/कापियाँ जाँची जाएंगी ।
(ठ) स्कूल विजिट रजिस्टर: स्कूल में बाहर से आने वाले व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग व हैंड सेनेटाईज़ के बाद पहले उनका नाम, पता , मोबाईल नंबर आदि विजिटर रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे और विद्यालय में केवल सीमित अवधि के लिए ही प्रवेश की आज्ञा इस आशय से मिलेगी कि व्यक्ति को इस विद्यालय ने किसी आवश्यक कार्य/मीटिंग हेतु बुलाया है या व्यक्ति का विद्यालय आकर ही अमुक कार्य संभव है । निर्माण कार्य , मुरम्मत कार्य आदि स्कूल में केवल अवकाश के दिवस पर ही किए जा सकेंगे । हर रविवार को विद्यालय भवन को पूरी तरह से सेनेटाईज़ किया जाएगा ।
(ड) स्टाफ रूम में बैठने की व्यवस्था : महिला शिक्षकों व पुरुष शिक्षकों के लिए पृथक -पृथक स्टाफ रूम की व्यवस्था की गई है और स्टाफ के लिए भी पर्याप्त सेनेटाईजिंग सामान क्रय किया गया है जबकि उनसे अनुरोध किया गया है कि वे अपने स्तर पर भी ऐसे सामान साथ रखें । स्टाफ के सदस्यों की मीटिंग भी सामाजिक दूरी नियमों के तहत ही होगी और स्टाफ को कक्षाओं व स्टाफ रूम में इस तरह समायोजित किया जाएगा कि उनके मध्य दो मीटर की दूरी बनी रहे ।
(ढ) नमस्ते ही एकमात्र अभिवादन : विद्यालय में नमस्ते/नमस्कार ही एकमात्र अभिवादन स्वीकार्य है और हाथ मिलाने की छूट नहीं होगी । जब तक कोरोना वायरस का प्रकोप जारी रहेगा , शिक्षकों से आशा की जाती है कि वे इस नियम का स्वेच्छा से पालन करेंगे ताकि उनको देखकर विद्यार्थी भी इसी अभिवादन को अपनाएं और हाथ मिलकर वायरस फैलाने के संवाहक न बनें ।
समस्त विद्यार्थियों , शिक्षकों व कर्मचारियों को ये निर्देश तथा विभागीय एसओपी समय पर बताए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की कोई चूक न हो । विद्यालय में भीड़ इकट्ठी न हो , इसके लिए शिक्षक अपने विवेक अनुसार कार्य करें ।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घंगोट , जिला हमीरपुर नामांकन स्थिति अक्तूबर,2020
|
कक्षा |
बालक |
बालिका |
कुल विद्यार्थी |
समूह I |
समूह II |
|
छठी |
4 |
6 |
10 |
10 |
0 |
|
सातवीं |
6 |
7 |
13 |
13 |
0 |
|
आठवीं |
5 |
5 |
10 |
10 |
0 |
|
नौवीं |
5 |
5 |
10 |
10 |
0 |
|
दसवीं |
14 |
9 |
23 |
12 |
11 |
|
10+1 |
10 |
8 |
18 |
09 |
09 |
|
10+2 |
9 |
12 |
21 |
12 |
09 |
|
कुल विद्यार्थी |
53 |
52 |
105 |
76 |
29 |
सामाजिक दूरी अनुपालन व आपातकालीन देखभाव सहायता/प्रतिक्रिया कमेटी :-
(क) श्री वीरेंद्र शर्मा, प्रवक्ता , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(ख) श्री रवीन्द्र पटियाल , प्रवक्ता , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(ग) श्री नरेश वर्मा , प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (नॉन मेडिकल), , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(घ) श्रीमती कविता ठाकुर , कंप्यूटर शिक्षक , , रा0व0मा0पा0 घंगोट
विद्यार्थियों के लिए नया टाईम टेबल व सीटिंग प्लान यानि बैठने की व्यवस्था प्रबंधन कमेटी :-
(क) श्री कुलदीप चंद , प्रवक्ता , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(ख) श्री राजेश कुमार , प्रवक्ता , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(ग) श्री विजय कुमार हीर , प्रशिक्षित कला स्नातक शिक्षक , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(घ) श्री जिनेश कुमार , प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (मेडिकल), रा0व0मा0पा0 घंगोट
सामान्य सहायता ,स्वच्छता, सेनेटाईजिंग और हाईजीन प्रबंधन कमेटी :-
(क) श्रीमती सोमी देवी , प्रवक्ता , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(ख) श्रीमती मधु सोनी , भाषा शिक्षिका, रा0व0मा0पा0 घंगोट
(ग) श्री मेहर सिंह , प्रवक्ता , रा0व0मा0पा0 घंगोट
थर्मल स्कैनिंग कमेटी :-
(क) श्रीमती सीमा देवी , प्रशिक्षित कला स्नातक शिक्षिका , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(ख) श्री सुरेन्द्र कुमार , शारीरिक शिक्षा अध्यापक , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(ग) श्री अश्वनी कुमार , अंशकालिक जलवाहक , रा0व0मा0पा0 घंगोट
(घ) श्रीमती पवना कुमारी , चपरासी , रा0व0मा0पा0 घंगोट
कोविड 19 के उपरांत विद्यालय की नई समयसारिणी कक्षा 10+1 और 10+2, रा0व0मा0पा0 घंगोट , जिला हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश ) सत्र 2020-21
|
कक्षा |
9:00- 9:45 AM |
9:46- 10:30 AM |
10:31- 11:15 AM |
11:16AM-12:00 |
12:01- 12:45 PM |
12:46- 1:30 PM |
1:31- 2:15 PM |
2:16- 3:00PM |
|
10+1 समूह I |
अंग्रेज़ी |
राजनीति शास्त्र |
शारीरिक शिक्षा |
अर्थशास्त्र |
अर्द्ध अवकाश
|
हिन्दी |
इन्फोर्मेश्न प्रेक्टिसिस |
इतिहास |
|
10+1 समूह II |
इतिहास |
अर्थशास्त्र |
इन्फोर्मेश्न प्रेक्टिसिस |
राजनीति शास्त्र |
अंग्रेज़ी |
शारीरिक शिक्षा |
हिन्दी |
|
|
10+2 समूह I |
हिन्दी |
इतिहास |
अर्थशास्त्र |
शारीरिक शिक्षा |
राजनीति शास्त्र |
अंग्रेज़ी |
इन्फोर्मेश्न प्रेक्टिसिस |
|
|
10+2 समूह II |
अर्थशास्त्र |
अंग्रेज़ी |
हिन्दी |
इन्फोर्मेश्न प्रेक्टिसिस |
इतिहास |
राजनीति शास्त्र |
शारीरिक शिक्षा |
कोविड 19 के उपरांत विद्यालय की नई समयसारिणी कक्षा नौवीं और दसवीं, रा0व0मा0पा0 घंगोट , जिला हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश ) सत्र 2020-21
|
कक्षा |
9:00- 9:40 AM |
9:41- 10:20 AM |
10:21- 11:00 AM |
11:01 AM -11:40 |
11:40- 12:20 PM |
12:21- 01:00 PM |
01:01 1:40 PM |
1:41- 2:20 PM |
2:21- 3:00 PM |
|
नौंवी समूह I |
अंग्रेज़ी |
गणित |
विज्ञान |
सामाजिक अध्ययन |
हिन्दी |
अर्द्ध अवकाश
|
आई0 पी0 |
संस्कृत |
विविध गतिविधियां |
|
नौंवी समूह II |
सामाजिक अध्ययन |
हिन्दी |
गणित |
अंग्रेज़ी |
संस्कृत |
विज्ञान |
आई0 पी0 |
विविध गतिविधियां |
|
|
दसवीं समूह I |
हिन्दी |
सामाजिक अध्ययन |
आई0 पी0 |
गणित |
विज्ञान |
संस्कृत |
अंग्रेजी |
विविध गतिविधियां |
|
|
दसवीं समूह II |
गणित |
अंग्रेजी |
संस्कृत |
विज्ञान |
आई0 पी0 |
सामाजिक अध्ययन |
हिन्दी |
विविध गतिविधियां |
कोविड 19 के उपरांत कक्षा 6 से 8 के शिक्षण हेतु नई समयसारिणी ,रा0व0मा0पा0 घंगोट , जिला हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश ) सत्र 2020-21
|
कक्षा |
9:00- 9:40 AM |
9:41- 10:20 AM |
10:21- 11:00 AM |
11:01 AM -11:40 |
11:40- 12:20 PM |
12:21- 01:00 PM |
01:01 1:40 PM |
1:41- 2:20 PM |
2:21- 3:00 PM |
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छठी |
योग व संस्कृति |
कला |
हिन्दी |
संस्कृत |
अंग्रेजी |
अर्द्ध अवकाश
|
गणित |
विज्ञान |
सामाजिक अध्ययन |
|
सातवीं |
विज्ञान |
संस्कृत |
सामाजिक अध्ययन |
हिन्दी |
कला |
अंग्रेजी |
गणित |
योग व संस्कृति |
|
|
आठवीं |
संस्कृत |
विज्ञान |
सामाजिक अध्ययन |
योग व संस्कृति |
गणित |
अंग्रेजी |
कला |
हिन्दी |
बैग फ्री दिवस संबंधी गतिविधियां : विद्यालय कोविड 19 के कारण हुए अकादमिक समय के नुकसान की भरपाई हेतु बैग फ्री डे का अलग से आयोजन नहीं करेगा । तीसरे सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस पर इससे जुड़ी गतिविधियां थोड़े समय (एक कालांश ) के लिए आयोजित की जाएंगी ।
द्वितीय शनिवार का उपयोग : विद्यालय जब सुचारू रूप से कार्य करेगा तो शिक्षा मंत्री महोदय के निर्देशानुसार द्वितीय शनिवार को कार्यदिवस के रूप में उपयोग करेगा और विद्यालय में अधिकतम समय शिक्षण -अधिगम के लिए ही प्रयोग किया जाएगा । प्रार्थना-सभा का आयोजन नहीं होगा ।
ऑनलाईन स्पर्धाएँ : विद्यालय ऑनलाईन स्पर्धाएँ जैसे क्विज़ व अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित व प्रोत्साहित करेगा । इनके सर्टिफिकेट भी ऑनलाईन प्रदान किए जाएंगे । इसके लिए आईपी शिक्षक कार्य करेंगे ।
माह अक्तूबर,2020 के लिए सीटिंग प्लान (कक्षा 9 से 12 हेतु ) :-
रा0व0मा0पा0 घंगोट , जिला हमीरपुर में भवन के 2 खंड हैं । प्रथम मुख्य खंड दोमंजिला है और ऊपरी मंज़िल पर 4 कमरे हैं जिनमें से एक कंप्यूटर लैब का बड़ा कक्षा व दूसरा कंप्यूटर लैब का बड़ा व सीमित उपयोग वाला कमरा है । कक्षा 10+1 और 10+2 के लिए जो कमरे तय हैं उनमें केवल 30 विद्यार्थी ही अधिकतम बैठाए जा सकते हैं ।इसके लिए 12 विद्यार्थी फ़राहम समूह और 9 विद्यार्थी द्वितीय समूह में शामिल हैं । ऐसे में विद्यालय के प्रथम तल पर 10+1 की 2 सेक्शन बनाकर शिक्षण कार्य किया जाएगा जिसके लिए स्ट्रीम के अनुसार 09 और 09 अलग -अलग कमरे में बैठाएँ जाएंगे । ऊपरी मंज़िल के दोनों शिक्षण कक्ष अक्तूबर माह में 10+1 हेतु प्रयोग होंगे । धूप सेकने के मांग पर ऊपरी मंज़िल के बरामदे का उपयोग रोटेशन में होगा यानि एक कालांश में केवल एक ही कक्षा बरामदे का उपयोग कर सकेगी । कंप्यूटर लैब का इस्तेमाल केवल आई0पी0 उद्देश्यों हेतु होगा । इनको सेनेटाईज़ भी हर सप्ताह किया जाएगा ।
धरातलीय मंज़िल पर स्कूल गेट के सामने स्थित बड़े कमरे में कक्षा नौवीं को बैठाया जाएगा जिसमें मात्र 10 विद्यार्थी हैं । धरातल पर स्टाफ रूम व कार्यालय कक्ष यथावत रहेंगे । इनमें फिलहाल बच्चे शिफ्ट नहीं किए जाएंगे । इसके अलावा स्थित 2 बड़े कमरों में दसवीं कक्षा को बैठाया जाना है । दसवीं में कुल 23 विद्यार्थी हैं और इसके लिए 12 विद्यार्थी एक सेक्शन में और 11 विद्यार्थी दूसरी सेक्शन में बैठाएँ जाएंगे ।
द्वितीय खंड में 2 मंज़िलें हैं और ऊपरी मंज़िल पर पुस्तकालय /महिला शिक्षिका कक्ष और प्रयोगशाला स्थित है । इनका उपयोग फिलहाल बच्चों के शिक्षण हेतु नहीं होगा । निचली धरातल मंजिल पर 2 कमरे स्थित हैं जिनको 10+2 कक्षा हेतु आरक्षित किया गया है । 21 विद्यार्थी इस समय 10+2 में अध्ययनरत हैं और इनको चयनित विषयों के अनुसार दो समूहों में बांटा गया है । इस तरह कक्षा 9 से 12 हेतु शिक्षण शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कड़ाई से संभव है ।
माह नवंबर व आगे सत्र 2020 -21 हेतु सीटिंग प्लान (कक्षा 6 से 12 हेतु) :-
यदि नवंबर/दिसंबर/जनवरी/फरवरी माह में कक्षा 6 से 12 के लिए कक्षाएँ शुरू होंगी तो कक्षा 6 के लिए विद्यालय के पहले खंड के धरातल का पहला कमरा कक्षा 6 हेतु प्रयोग होगा और कक्षा 7 हेतु पुस्तकालय कक्ष का उपयोग होगा । कक्षा 8 के लिए विज्ञान प्रयोगशाला का प्रयोग होगा । कक्षा नौ के बैठने हेतु विद्यालय के खंड ख का निचला कक्ष उपयोग होगा और 10+1 की एक सेक्शन आईपी प्रयोगशाला के अंतिम कक्ष में शिफ्ट होगा । शेष प्रबंधन यथावत रहेगा । इस तरह कक्षा 6 से 12 हेतु शिक्षण सामाजिक दूरी के अनुसार किया जा सकेगा । विद्यार्थियों की सुविधा हेतु बरामदों का और मैदान का उपयोग भी मौसम के अनुसार किया जा सकेगा ताकि किसी भी दशा में सामाजिक दूरी की अवज्ञा न हो । महिला स्टाफ हेतु । यदि विज्ञान प्रयोगशाला में शिक्षण कार्य सुचारू न हो तो आठवीं कक्षा को खंड क व ख के बरामदे या कार्यालय के दूसरी तरफ रिक्त पड़े कक्ष का उपयोग किया जाएगा में शिफ्ट किया जाएगा जबकि महिला स्टाफ के लिए विज्ञान लैब में बैठने की अस्थायी व्यवस्था की जाएगी ।
शौचालय व यूरिनल उपयोग :-
शौचालय व यूरिनल जाने के लिए एक घंटे का अंतराल तय है । रोटेशन का ख्याल रखा जाएगा व ग्रुप इंचार्ज सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थी अनावश्यक रूप से न जाएँ । चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुनिश्चित करेंगे कि हर घंटे सैनेटाईजर का उपयोग करते हुए ही शौचालय व यूरिनल उपयोग हो ।
मिड डे मील हेतु नियमावली :-
स्कूल विद्यार्थियों पर मिड डे मील खाने हु कोई दवाब नहीं बनाएगा । अगर विद्यार्थी घर से लांच बॉक्स लाते हैं और वही खाना चाहें तो भी विद्यालय उनको इसका अवसर देगा । मिड डेम मील बच्चे अपनी इच्छा के अनुसार ग्रहण करेंगे । अगर सरकार स्कूल में निकट भविष्य में मिड डे मील पकाने का आदेश देगी तो मिड डे मील वर्कर्स एप्रन पहनकर , हाथ में दस्ताने व मुंह पर मास्क लगाकर एक दूसरे से विपरीत दिशा में बैठकर खाना पूर्ण स्वच्छता सहित तैयार करेंगी । सभी बर्तन कीटाणु सहित करने के बाद ही खाना पकाना व खाना खिलना सुनिश्चित किया जाएगा । मिड डे मील वर्कर्स धातु से बनी चीज़ें जैसे अंगूठी आदि स्कूल में नहीं पहनेंगी और खाना खिलाने से पहले सारा धरातल सेनेटाईज़ होगा और खाना खिलाने के बाद भी यही व्यवस्था होगी । बच्चों को रोल नंबर के अनुसार क्रम में एक-एक करके बुलाया जाएगा और भोजन अपने स्थान पर ही ग्रहण करने या सेनेटाईज़ किए स्थल पर खाने की आज्ञा होगी । अगर बच्चों को बैठकर खाना परोसना है तो उनके खेल के मैदान /खादन ख के भवन के दोनों तालों के बरामदे का उपयोग करते हुए भोजन ग्रहण करवाया जाएगा । भोजन परोसते हुए मास्क लगाना अनिवार्य है । खाना बिल्कुल गर्मागर्म ही परोसा जाना है । बच्चे हाथ सेनेटाईज़ करके या 40 सैकंड हाथ धोकर ही भोजन करेंगे । मिड डे मील वर्कर्स ठीक 9 बजे ही स्कूल आएंगी और आधा घंटा केवल सेनेटाईज़ करने और खाद्य सामाग्री को साफ करने पर खर्च करेंगी । स्कूल में यदि मार्च माह का खराब हुआ राशन पड़ा हो तो उसको उपयोग में नहीं लाया जाएगा । स्कूल की पेयजल टंकियों की सफाई में ये वर्कर भी सहयोग करेंगे और गंदे पानी का उपयोग नहीं करेंगे ।
विविध अन्य कार्य:-
Ø माता-पिता के लिए नोटिस/पोस्टर/संदेश/संचार को प्रमुखता से प्रदर्शित/प्रसारित किया गया है । ज़रूरी पोस्टर , चार्ट और निर्देशक स्कूल में लगाए गए हैं ।
Ø सभी छात्र और कर्मचारी फेस कवर/मास्क पहनकर स्कूल आएं और सभी जगहों पर लगातार पहने रहें, खास तौर पर तब जब कक्षा में हों या समूहों में कोई गतिविधि कर रहे हों जैसे कि मेस में खाना खाना, प्रयोगशालाओं में काम करना या पुस्तकालयों में बात करना।
Ø शारीरिक/सामाजिक दूरी को लागू करने के लिए उचित जगहों पर संकेतों और चिह्नों को प्रदर्शित किया गया है । माता-पिता/अभिभावकों से अपने बच्चों/आश्रतों को स्कूलों में जाने से पहले सहमति लेने का प्रपत्र दिया गया है और जिन विद्यार्थियों के अभिभावक लिखित और मौखिक रूप में इसकी आज्ञा दी है , वे स्कूल आ रहे हैं । अगर छात्र अपने माता-पिता की सहमति से घर से ही पढ़ाई करने के लिए इच्छुक हैं तो इसकी अनुमति प्रदान की गई है।
Ø कोविड-19 से जुड़ी चुनौतियों के बारे में छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, समुदाय के सदस्यों और छात्रावास के कर्मचारियों को संवेदनशील बनाएं और शिक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों के आधार पर सभी हितधारकों की भूमिका तय करें।
Ø सभी कक्षाओं के लिए अकादमिक कैलेंडर बदलाव, विशेष तौर पर अवकाश (ब्रेक्स) और परीक्षा के संबंध में, की योजना बनाएं। स्कूलों के दोबारा खुलने से पहले सभी छात्रों की निर्धारित पाठ्यक्रम की किताबों तक पहुंच सुनिश्चित करें।
Ø छात्रों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए स्कूल में या संपर्क करने योग्य दूरी पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी/नर्स/डॉक्टर और सलाहकार की उपलब्धता सुनिश्चित करें। छात्रों और शिक्षकों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जा सकती है ।
Ø छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से स्वास्थ्य के बारे में पर्याप्त जानकारी जुटानी चाहिए। स्थानीय प्रशासन से राज्य और जिला हेल्पलाइन नंबर और निकटतम कोविड केंद्र और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अन्य संपर्कों की जानकारी लेनी चाहिए।
Ø बीमार पड़ने पर छात्रों और कर्मचारियों को घर पर रहने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उपस्थिति (अटेंडेंस) और रोग-अवकाश (सिक-लीव) की लचीली नीतियां विभागीय आदेशों के अनुसार बनाई और लागू की जा जाएंगी ।
Ø कोविड-19 का संदिग्ध मामला पता लगाने पर तय प्रक्रिया (प्रोटोकॉल) के अनुसार कार्रवाई की जाएगी
Ø सबसे ज्यादा असुरक्षित छात्रों (बेघर/विस्थापित छात्रों, दिव्यांग छात्रों और कोविड-19 से मृत्यु या अस्पताल में भर्ती होने से सीधे तौर पर प्रभावित परिवारों के बच्चों) पर ध्यान दिया जाएगा । विशेष जरूरत वाले छात्रों (सीडब्लूएसएन) की आवश्यकताओं के अनुसार सहायता की जाएगी ।
Ø स्कूल परिसर में सभी जगहों, फर्नीचर, उपकरण, स्टेशनरी, भंडारण की जगहों, पानी की टंकियों, रसोई, कैंटीन, वॉशरूम, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों इत्यादि की पूरी तरह से सफाई और कीटाणुमुक्त बनाने की व्यवस्था करना और उसे लागू करना।
Ø स्कूलों में जिम्मेदारियों के बंटवारे के साथ-साथ आपातकालीन देखभाव सहायता/प्रतिक्रिया टीम, सभी हितधारकों के लिए सामान्य सहायता टीम, साजोसामान सहायता टीम और स्वच्छता जांच टीम जैसे कार्य दल बनाने का काम भी पूर्ण है ।
Ø बैठने की योजना (सिटिंग प्लान) बनाते समय शारीरिक/सामाजिक दूरी को सुनिश्चित करना चाहिए, समारोहों और कार्यक्रमों के आयोजनों से बचना, स्कूल में आने-जाने के समय और जगहों में अंतर रखना, अलग-अलग समय सारणी बनाना चाहिए।
Ø सभी छात्र और कर्मचारी फेस कवर/मास्क पहनकर स्कूल आएंगे और सभी जगहों पर लगातार पहने रखेंगे , खास तौर पर तब जब कक्षा में हों या समूहों में कोई गतिविधि कर रहे हों जैसे कि मेस में खाना खाना, प्रयोगशालाओं में काम करना या पुस्तकालयों में बात करना। ये निर्देश सबको नोट करवाए गए ।
Ø शारीरिक/सामाजिक दूरी को लागू करने के लिए उचित जगहों पर संकेतों और चिह्नों को प्रदर्शित करें। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को माता-पिता/अभिभावकों से अपने बच्चों/आश्रतों को स्कूलों में जाने से पहले सहमति लेनी चाहिए। अगर छात्र अपने माता-पिता की सहमति से घर से ही पढ़ाई करने के लिए इच्छुक हैं तो इसकी अनुमति दी जा सकती है।
Ø कोविड-19 से जुड़ी चुनौतियों के बारे में छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, समुदाय के सदस्यों और छात्रावास के कर्मचारियों को संवेदनशील बनाते हुए ई पी टी एम का आयोजन 15 अक्तूबर को इस विद्यालय में हुआ और सभी हितधारकों की भूमिका तय करें।
Ø सभी कक्षाओं के लिए अकादमिक कैलेंडर बदलाव, विशेष तौर पर अवकाश (ब्रेक्स) और परीक्षा के संबंध में, की योजना बनाई जा चुकी है । स्कूलों के दोबारा खुलने से पहले सभी छात्रों की निर्धारित पाठ्यक्रम की किताबों तक पहुंच सुनिश्चित करें, यह ध्यान में रखते हुए सब विद्यार्थियों के अभिभावकों से ई -पीटीएम के दौरान वार्ता की गई है ।
Ø छात्रों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए स्कूल में या संपर्क करने योग्य दूरी पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी/नर्स/डॉक्टर और सलाहकार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी । छात्रों और शिक्षकों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच कराने हेतु अवकाश की व्यवस्था की जा रही है।
Ø छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से स्वास्थ्य के बारे में पर्याप्त जानकारी जुटानी जाएगी । स्थानीय प्रशासन से राज्य और जिला हेल्पलाइन नंबर और निकटतम कोविड केंद्र और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अन्य संपर्कों की जानकारी एकत्रित कर ली गई है और डाटाबेस तैयार किया गया है ।
Ø बीमार पड़ने पर छात्रों और कर्मचारियों को घर पर रहने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उपस्थिति (अटेंडेंस) और रोग-अवकाश (सिक-लीव) की लचीली नीतियां बनाई और लागू की जाएंगी । बीमार या आईसोलेट हुए विद्यार्थी की ऑनलाईन शिक्षा को भी औपचारिक शिक्षा मानते हुए उसको उपस्थित माना जाएगा मगर मिड डे मील आदि उस अवधि हेतु देय नहीं होंगे ।
Ø कोविड-19 का संदिग्ध मामला पता लगाने पर तय प्रक्रिया (प्रोटोकॉल) के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
Ø सबसे ज्यादा असुरक्षित छात्रों (बेघर/विस्थापित छात्रों, दिव्यांग छात्रों और कोविड-19 से मृत्यु या अस्पताल में भर्ती होने से सीधे तौर पर प्रभावित परिवारों के बच्चों) पर ध्यान दिया जाएगा । विशेष जरूरत वाले छात्रों (सीडब्लूएसएन) की आवश्यकताओं के अनुसार सहायक उपकरणों और शिक्षण सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे । निखिल कुमार , कक्षा आठवीं के लिए इस संदर्भ में सभी व्यवस्थाएँ की जा चुकी हैं ।
Ø अभ्यास (सीखने) के परिणामों पर ध्यान रखने के साथ पूरे साल के लिए गतिविधियों का एक व्यापक वैकल्पिक कैलेंडर एनसीईआरटी ने बनाया है । अकादमिक कैलेंडर को पूरे वर्ष के लिए उभरती परिस्थितियों के अनुसार दोबारा व्यवस्थित किया जा रहा है। हमारी योजना एनसीआईआरटी की ओर से बनाए गए वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर के दिशानिर्देशों पर आधारित है।
Ø स्कूलों को दोबारा खोलने के बाद इसके छात्रों का लगाव पैदा करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा । इसके लिए विविध रोचक गतिविधियां व हंसने के सेशन आयोजित होंगे ।
Ø बच्चों को भी ईवीएस, भाषाओं, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और कला जैसे विभिन्न विषय क्षेत्रों को पढ़ाने के दौरान विभिन्न अवधारणाओं को एकीकृत करके महामारी के बारे में संवेदनशील बनाया जाएगा । इस महामारी से जो सबक मिले और जो भविष्य की आवश्यकताएँ हैं , उनके ऊपर विशेष चर्चा सत्र इस माह आयोजित होंगे ।
Ø शिक्षक छात्रों के साथ पाठ्यक्रम की स्पष्ट रूपरेखा की चर्चा कर रहे हैं । आमने-सामने के निर्देश (फेस टू फेस इंस्ट्रक्शन)/ अलग-अलग काम या पोर्टफोलियो देकर/समूह-आधारित परियोजना कार्य (ग्रुप-बेस्ड प्रोजेक्ट वर्क)/ ग्रुप प्रेजेंटेशन आदि ) अभ्यास के तौर-तरीके समझाए गए हैं । इसमें इसके लिए लगने वाले समय, स्कूल आधारित मूल्यांकन, अवकाश आदि की तिथियां अकादमिक कलेंडर में शामिल की गई हैं ।
Ø सबसे ज्यादा असुरक्षित छात्रों (बेघर/विस्थापित छात्रों, दिव्यांग छात्रों और कोविड-19 से मृत्यु /अस्पताल में भर्ती होने से सीधे प्रभावित परिवारों के बच्चे) की विशेष जरूरतों को प्राथमिकता से ध्यान देंगे ।
Ø शारीरिक/सामाजिक दूरी और अन्य सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखने पर शिक्षण संसाधनों का विविधतापूर्ण उपयोग निर्भर करेगा। संसाधनों में सहकर्मी शिक्षण और अभ्यास (लर्निंग), वर्कबुक (कार्यपुस्तिका) और वर्कशीट (कार्यपत्रक), कक्षा में तकनीकी-आधारित संसाधनों का उपयोग, माता-पिता/दादा-दादी/बड़े भाई-बहनों को पढ़ाने के लिए सक्षम बनाना और समुदाय के स्वयंसेवियों की सेवाओं का इस्तेमाल करना आदि शामिल हो सकते हैं।
Ø इस संबंध में शिक्षकों और छात्रों की रुचि बढ़ाने के लिए डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा के लिए जारी ‘प्रज्ञाता’ दिशानिर्देशों का उपयोग किया जा सकता है। दीक्षा एप पर मौजूद क्यू आर कोड की ई-सामग्री डाउनलोड करेंगे और ऑफलाइन मोड में भी इसी का उपयोग करेंगे ।
Ø रचनात्मक मूल्यांकन (फॉर्मिटिव असेसमेंट) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा रचनात्मक मूल्यांकन के बारे में समझ बढ़ाने और इसे प्रोत्साहन के लिए माता-पिता को संवेदनशील बनाने में एससीईआरटी/एनसीईआरटी के दिशानिर्देशों का उपयोग किया जा रहा है।
Ø यह स्कूल पुनर्व्यवस्थित स्कूल कैलेंडर को लागू कर रहा है और वार्षिक पाठ्यक्रम योजना (एसीपी) को नए सिरे से बनाया गया है । अब अन्य उपायों के साथ उपचारात्मक कक्षाएं (रिमेडियल क्लासेज) या स्कूल वापसी अभियान भी चलाया गया है और 15 अक्तूबर को फिर से स्कूल चलें , समझदारी से आगे बढ़ें नाम का अभियान इस स्कूल ने शुरू कर दिया है और इसके परिणाम सकारात्मक होंगे ।
Ø अपने छात्रों की भावनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों, अभिभावकों और स्वास्थ्यकर्मियों को एकजुट होकर काम करना होगा । मनोदर्पण में कोविड महामारी के दौरान मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सुरक्षा के लिए छात्रों, अध्यापकों और परिजनों को मनो-सामाजिक सहायता देने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को शामिल किया गया है। इसके लिए इस पाठशाला के शिक्षक विजय कुमार हीर ने प्रदेश लोक प्रशसन संस्थान से 3 दिन का ऑनलाईन सेमिनार अटेण्ड किया है और इसके लिए आवश्यक कार्यवाही उनके निर्देश अनुसार होगी ।
Ø स्कूल में सुरक्षित वातावरण के लिए जांचसूचियों को, जिनमें विभिन्न हितधारक शामिल हैं, लचीलापन लाने और शैक्षणिक योजना निर्माण व स्कूल संचालन के लिए उपयोग किया गया है। इस सूची के अनुसार सभी आवश्यक सुधार किए जा चुके हैं ।
दिनांक : 15/10/2020 भवदीय : प्रधानाचार्य , रा0व0मा0पा0 घंगोट,जिला हमीरपुर
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